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डेरे के नीचे क्या है ...? डेरे के भीतर ........?

Posted On: 21 Jul, 2012 Others,लोकल टिकेट में

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एक समाचार ” डेरा सच्चा सौदा के बाबा राम-रहीम द्वारा ४०० साधुओं को इश्वर प्राप्ति हेतु नपुंसक बनाना ( बधिया करना ) !
आइये जाने ये डेरा क्या है ! पंजाब तथा इसके आस-पास साधू -बाबाओं के छोटे-बड़े आश्रम हैं जिन्हें स्थानीय जुबान में डेरा कहा जाता है ! यहाँ ऐसे सैकड़ों डेरे हैं !
२९ अप्रेल १९४८ पंजाब के सिरसा में बलोचिस्तीनी साधू शाह मत्तन जी ने डेरा डाला जो बाद में मस्ताना बाबा के नाम से जाने गए ! इन्हीं ने अपने डेरे को सच्चा-सौदा का नाम दिया ! इनका सूफी फकीर जैसा स्वाभाव लोगो की आस्था का बिंदु बना लाखो लोग इस पंथ के अनुयायी बने ! मृत्यु-परांत १९६० में सतनाम सिग डेरा प्रमुख बने ! १३ सितम्बर १९९० में गुरमीत सिह ( वर्त्तमान डेरा प्रमुख ) डेरा प्रमुख बने ! तब तक डेरा अनुयायियों की संख्या करोंड़ों का आंकड़ा छूने लगी थी !
अब इन बाबा गुरमीत ने स्वयं को बाबा राम-रहीम इंसा के नाम से प्रचारित करना आरम्भ कर दिया ! इस तथाकथित बाबा ने एक अवसर पर सिक्खों के दसवें गुरु गोविन्द सिह जी का वेष धर समाहरोह में शिरकत की जिससे सिख समुदाय भड़क उठा ! फलस्वरूप पंजाब में कई दिनों तक सांप्रदायिक तनाव बना रहा ! इसके बावजूद वोट बैंक के मद्दे-नज़र सारी राजनैतिक पार्टियाँ बाबा के समर्थन के आशीर्वाद को लालायित रहती हैं ! राम-रहीम कांग्रेस समर्थक माने जाते है !भटिंडा से कांगेस विधायक हरमिंदर सिह जस्सी इनके करीबी रिश्तेदार हैं ! पंजाब की राजनीती पर डेरा का अच्छा खासा प्रभाव है !पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्त्तमान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिह डेरा जाकर डेरा प्रमुख से समर्थन का आशीर्वाद माँगा ! ( जागरण २८ जन २०१२ )
इसी सन्दर्भ में विधानसभा चुनाव में मुलायम का समर्थन करने पर कांग्रेस की आलोचना के जवाब में जामा मस्जिद के शाही इमाम अब्दुल्ला सैयद अहमद बुखारी ने कहा अगर कांग्रेस डेरा से समर्थन ले सकती है तो मैं मुस्लमान हितों के लिए मुलायम का समर्थन क्यों न करूँ ! मुसलमान हितों के लिए मैं सांप्रदायिक तत्वों तथा लादेन तक का समर्थक हूँ ! (पंजाब केसरी ०१ फ़रवरी २०१२ )
राम-रहीम की करतूतें …………
डेरा की साध्वी द्वारा यौन उत्पीडन का प्रधान मंत्री को शिकायती पत्र !
पंजाब और हरियाणा उच्य न्यायलय में विश्वास गुप्ता द्वारा याचिका दायर की डेरा प्रमुख द्वारा उसकी पत्नी का यौन शोषण तथा उसे बंधक बनाये रखने का आरोप पर न्यायमूर्ति एस एन मित्तल ने हरियाणा गृह सचिव तथा डी जी पी को नोटिस जारी किया !
जयपुर में बाबा की ६ लक्ज़री गाड़ियों का एक ही नंबर डी एल ५ सी बी ३६७२ !
इसी प्रकार कई आरोप हैं जिनमें बंधक / यौन शोषण / तथा धर्म के नाम पर उत्पीडन इत्यादि !
दूसरी ओर……………..
डेरा में समय समय पर मानव सेवा शिविर आयोजित किये जाते हैं जिसमे देश विदेश के सैकड़ों प्रख्यात चिकित्सकों द्वारा मुफ्त सेवाए प्रदान की जाती रही हैं !
जहां तक रक्त-दान जैसे महान कार्य हैं तो डेरा समर्थकों ने रक्तदान में विश्व रिकार्ड बनाये हैं जो गिनिस बुक आफ वल्ड रिकार्ड में दर्ज है ! जैसे ०७/१२/२००३ में १५४३२ यूनिट १०/१०/२००४ में १७९२१ यूनिट ०८/०८/२०१० में ४३७३२ यूनिट रक्तदान हुआ ! एक सैनिक अधिकारी के अनुसार सेना को ७० फीसदी रक्त की पूर्ति डेरा द्वारा की जाती है !…..????
अब यक्ष प्रश्न यह उठता है की एक ओर किसी पंथ के समर्थकों द्वारा ऐसा महान कार्य किया जाता रहा है वहीँ दूसरी ओर पंथ-प्रमुख द्वारा ऐसे घिनौने कृत दोनों में कहीं कोई ताल-मेल नहीं ! इसे क्या कहा जाये समझ से परे है !

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18 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
August 5, 2012

क्या किया जाए जी. सादर बधाई

    rajuahuja के द्वारा
    August 7, 2012

    आपके प्रश्न में ही उत्तर छुपा है प्रभु ! अर्थात किया भी जाये तो क्या ? यही तो चिंतन का विषय है माननीय !………….सादर !

yogi sarswat के द्वारा
July 23, 2012

बाबाओं और धरम के ठेकेदारों ने सच में इस देश के भोले भले लोगों को खूब मुर्ख बनाया है और अब भी बना रहे हैं ! सटीक लेखन

    rajuahuja के द्वारा
    July 23, 2012

    आदरणीय सारस्वत जी , सादर ! कितनी हैरत की बात है जो लोग इन ढोंगी बाबाओं पर विश्वास करते है ये बाबा उन्हीं को धोखा देते हैं ! आपके स्नेह की वर्षा इसी प्रकार होती रहेगी ऐसी आशा के साथ ,…..आभार !

Mohinder Kumar के द्वारा
July 23, 2012

आहुजा जी, आपने इस समस्या का बहुत सुन्दर विश्लेषण किया है. भक्तों के कांधे पर चढ कर यह भूल जाते हैं कि उनके पतन का कारण भी भक्तों की नाराजगी हो सकता है. भक्तों को भी अंधविश्वास छोड कर सत्य की खोज करनी चाहिये और आंख मूद कर किसी का अनुयाई कदापि नहीं बनना चाहिये. उनके अच्छे कर्मों का लेखा कोई एक न ले जाये इस बात का भी ध्यान रखना होगा.

    rajuahuja के द्वारा
    July 23, 2012

    माननीय मोहिंदर जी ! प्रणाम ! आपका कथन सर्वथा सत्य है ! अंध-विश्वास ही इन ठगों को प्रोत्साहन देता है ! स्नेह बनाये रखियेगा, साधुवाद !

jlsingh के द्वारा
July 23, 2012

अहुजाजी, नमस्कार! बड़ा कंफ्यूजन है! मुझमे राम तुझमे राम सबमे राम समाया, सबसे कर ले प्यार जगत में कोई नहीं है पराया रे! जितना है उसी में सुखी रहो, ज्यादा की चाहत या स्वर्ग की चाहत में ही ये लोगों को बेवकूफ बनाते हैं ये लोग !

    rajuahuja के द्वारा
    July 23, 2012

    आदरणीय jlsingh साहब , सादर प्रणाम ! संसार पाना हो तो दौड़ लगानी ही पड़ेगी और अनंत को पाने की चाह हो तो रुकना पड़ता है ! इन दोनों के बीच की स्थिति है चलना अतः ” एकला चालो रे ” !

Chandan rai के द्वारा
July 22, 2012

अहुजा जी इसी डेरा सच्चा सौदा के नाम वृक्ष रोपण और जाने कितने विश्व रिकार्ड दर्ज है , हर संस्था अच्छे और बुरे लोगो से संगठित होती है , सायद इसलिय इनका अस्तित्व ज़िंदा रहता है

    rajuahuja के द्वारा
    July 22, 2012

    माननीय चन्दन राय जी, प्रणाम ! जीवन की आप-धापी से त्रस्त / अपेक्षाओं के फलीभूत न होने से दुखी इंसान उस अज्ञात की तलाश में इन डेरों तक जा पहुँचता है जहाँ पाता है केवल मृगतृष्णा !

nishamittal के द्वारा
July 22, 2012

आपके द्वारा दी गयी विस्तृत जानकारी उन लोगों के काम आएगी जो अपनी आँखें खुली रखना चाहते हैं.राजनैतिक संरक्षण के अभाव में ऐसे डेरे शीर्ष पर नहीं पहुँच सकते.

    rajuahuja के द्वारा
    July 22, 2012

    माननीया निशा जी , सादर ! आपकी प्रतिक्रिया मेरा प्रसाद है ,स्नेह बनाये रखियेगा ,प्रणाम !

dineshaastik के द्वारा
July 22, 2012

राजू जी अधिकांश धर्म गुरु वही बनते हैं जो बड़े स्मगलर, अय्यास, सुपारी किलर, आतंकवाद के समर्थक, राजनीति को भ्रष्ट करने एवं कालाधन को सफेद करने वाले होते हैं। आप आधुनिक काल के किसी भी अधर्म गुरु की वास्तविक जीवनी उठाकर देख लो। अनभिज्ञ जानकारी देने के लिये आभार….

    rajuahuja के द्वारा
    July 22, 2012

    प्रिय आस्तिक जी ! अपार लोगों की श्रद्धा और चडावे के रूप में प्राप्त बेहिसाब धन सम्पदा की गर्मी इन ढोंगी बाबाओं का असली रूप उजागर कर देती है ! वैसे बाबागिरी आज के सन्दर्भ में बढ़िया काम साबित हो रहा है !किसी मास्टरी / किसी डिप्लोमा की ज़रूरत नहीं ,जो जितना बड़ा धूर्त वो उतना बड़ा बाबा ! प्रतिक्रिया के लिए ……………..साधुवाद !

bharodiya के द्वारा
July 22, 2012

राजुभाई आज के भक्त शाणे हो गये हैं । अपने आज के गुरु के मुख से असली संतों की कही बात मनते है । हाल के गुरु का केरॅक्टर भले ढिला हो । आज के गुरु एक अच्छे ओर्गेनाईजर है । और ईस से अच्छे काम बन जाते हैं । गुरुजी जाए भाडमें अगर बूरे है तो ।

    rajuahuja के द्वारा
    July 22, 2012

    मान्यवर भरोदिया जी ! सादर प्रणाम ! सच कहा आपने, इस भौतिक युग में सब संभव है ! जीवन-मूल्यों का कोई मतलब नहीं रह गया ! किसी प्रकार से भी अपना काम होना चाहिए ! मेरा काम बनता – भाड़ में जाये जनता !

jagojagobharat के द्वारा
July 21, 2012

डेरा प्रमुख के कार्यकलापो की जानकारी देता सुन्दर आलेख .पंथ प्रमुख के कार्य मेरे भी समझ से बहार ही है

    rajuahuja के द्वारा
    July 22, 2012

    आदरणीय प्रणाम ! ये तथाकथित मठाधीश लोगों की आस्था से खेल रहे हैं ! प्रतिक्रिया का साधुवाद ….!


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