आह्वान

दिल की गहराइयों से

19 Posts

158 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 5749 postid : 240

मात्र संयोग , अथवा ....?

Posted On: 28 Aug, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

kenedi 4lincoln 1अमेरिकी इतिहास के विचित्र तथ्य जो आपके हैरान कर देंगें ! ये तथ्य बहुत कुछ सोचने को बाध्य करते हैं, आइये जरा एक नज़र डालते हैं इन पर !

# अब्राहम लिंकन को १८६४ में अमेरिका में कांग्रेस के लिए चुना गया!#जॉन ऍफ़ केनेडी को १९६४ में अमेरिका में कांग्रेस के लिए चुना गया !

# लिंकन को १८६० में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया !
# केनेडी को १९६० में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया !

# दोनों विशेष तौर पर नागरिक अधिकारों के लिए चुने गए थे !
# दोनों की पत्नियों ने व्हाइट हॉउस में रहते हुए एक-एक बच्चा खोया था !
# दोनों राष्ट्रपतियों की हत्या कर दी गई थी !
# दोनों राष्ट्रपतियों के सर में गोली मारी गई थी !
# दोनों राष्ट्रपतियों को शुक्रवार के दिन गोली मारी गई थी !
# ### लिंकन के सेक्रेटरी का उपनाम केनेडी था !
# केनेडी के सेक्रेटरी का उपनाम लिंकन था !
# दोनों सेक्रेटरियों की हत्या की गई थी और हत्यारे दक्षिणवर्ती अमेरिकी थे !
# दोनों राष्ट्रपतियों के उत्तराधिकारियों का उपनाम जॉन्सन था ये दक्षिणवर्ती थे !
# लिंकन के उत्तराधिकारी ऐंड्रू जॉन्सन का जन्म १८०८ में हुआ था !
# केनेडी के उत्तराधिकारी लिदन जॉन्सन का जन्म १९०८ में हुआ था !
# लिंकन के हत्यारे जॉन विल्ल्किस बूथ का जन्म १८३९ में हुआ था !
# केनेडी के हत्यारे ली हार्वे ओसवाल्ड का जन्म १९३९ में हुआ था !
# दोनों हत्यारे तीन नामों से जाने जाते थे !
##### लिंकन को गोली फोर्ड नामक थियेटर में मारी गई थी !
# केनेडी को फोर्ड निर्मित कार लिंकन में गोली मारी गई थी !
# दोनों हत्यारों बूथ तथा ओसवाल्ड की हत्या उनपर मुकद्दमा चलने के पूर्व ही कर दी गई थी !
# लिंकन को थियेटर में गोली मार कर हत्यारा एक माल गोदाम की ओर भागा था !
# केनेडी को गोली मार कर हत्यारा एक थियेटर की ओर भागा था !

घटनाक्रम में इतनी समानता को क्या मात्र संयोग ही कहा जाये ….?

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

20 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

annurag sharma(Administrator) के द्वारा
September 25, 2012

बहुत ही अच्छा आलेख बधाई ,,,

    rajuahuja के द्वारा
    September 28, 2012

    धन्यवाद् अनुराग जी !

rajuahuja के द्वारा
September 3, 2012

धन्यवाद् अजय जी !

अजय यादव के द्वारा
September 2, 2012

waah!बहुत ही रोचक वा ज्ञानपरक जानकारी |

Mohinder Kumar के द्वारा
August 31, 2012

आहूजा जी, गलती से किसी और ब्लोग की टिप्पणी आपके ब्लोग पर कोपी पेस्ट हो गई.. क्षमा कीजियेगा. ऐतिहासिक एंव रोचक तथ्य साझा करने के लिये आभार.

Mohinder Kumar के द्वारा
August 31, 2012

काजल जी, एक बेटी और एक लडकी की पीडा का सही चित्रण किया है आपने. परन्तु क्या यह लडकी बडी हो कर इस चित्र को बदलना नहीं चाहेगी… यदि उत्तर “हां” है तो कोई ताकत इस समाज को बदलने से रोक नहीं सकती.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
August 29, 2012

आदरणीय आहूजा जी , सादर अभिवादन रोचक और सत्य. बधाई.

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    धन्यवाद कुशवाहा जी !

nishamittal के द्वारा
August 29, 2012

रोचक जानकारी प्रदान करने हेतु धन यवाद राज जी. संयोग प्राय होते हैं,

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    धन्यवाद निशा जी , आपका स्वागत है !

dineshaastik के द्वारा
August 29, 2012

राजू जी, कुछ इत्तफाक तो वास्तव में होते हैं और कुछ घटना को रोचक एवं यादगार बनाने के लिये कृत्रिम रूप से बनाये जाते हैं। कुछ स्वतः ही बन जाते हैं। जिसका घटना के कारण का हमें  ज्ञान नहीं होता वह हमारे लिये आश्चर्य का कारण होती है। घटनाओं में तारत्मयता मुझे चकित तो नहीं करती, रोचक होने के कारण मनोरंजन आवश्यक करती हैं। अनभिज्ञ जानकारी से अवगत कराने के लिये आभार…….

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    दिनेश जी आपका स्वागत है ! संयोग जब क्रमबद्ध हो सामने आयें तो आश्चर्य होता है !

bharodiya के द्वारा
August 29, 2012

ज्यादातर तो संयोग ही है बाकी बिगबोस और एफ.बी.आई की अंधश्रध्धा रही होगी । हत्यार भी पसंद करना, स्थल भी, तारिख भी । मर्टिन लुथर किंग को भी मरवाया लेकिन तीन नाम तो सेट नही हो सकते ।

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    धन्यवाद भरोदिया जी !

vasudev tripathi के द्वारा
August 29, 2012

बहुत रुचिकर जानकारी राजू जी.. कई बार घटनाक्रम या घटनाएँ कुछ इस तरह विस्मित कर देती हैं कि मनुष्य उस पर आश्चर्य व्यक्त करने के अतिरिक्त कुछ नहीं समझ पाता..!! ऐसे रहस्यों या आश्चर्यों के कई उदहारण हैं.! एक रुचिकर जानकारी के लिए धन्यवाद!

    jlsingh के द्वारा
    August 29, 2012

    मैं यही पर अपनी सहमती जाहिर करता हूँ! धन्यवाद! रोचक जानकारी उपलब्ध कराने हेतु!

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    सचमुच त्रिपाठी जी ,यह दुनिया ऐसे आश्चर्यों से भरी पड़ी है ! धन्यवाद् ..!

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    आपका स्वागत है जवाहर जी !

drbhupendra के द्वारा
August 28, 2012

अच्छी जानकारी , आप ने दी, इतना संयोग कुछ और ही हो सकता है …. आप मेरे व्यंग पर आमंत्रित हैं.. http://drbhupendra.jagranjunction.com/2012/08/27/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b5/

    rajuahuja के द्वारा
    August 29, 2012

    धन्यवाद drbhupendra जी !


topic of the week



latest from jagran